September 10th, 2012

Сирийское телевидение передало признание ливанского контрабандиста, задержанного сирийскими погранич

Ливанский террорист Мухаммад Хусейн Фарес признался в контрабанде оружия в Сирию и незаконной переправке на её территорию боевиков и сотрудников некоторых иностранных СМИ.

В признании, переданном по сирийскому телевидению, уроженец ливанского селения Джуса района Баальбек, 1985 года рождения, рассказал, что с первых дней беспорядков в Сирии Ахмад Аммун - главарь крупной группировки, базирующейся в селении, - познакомил его с четырьмя контрабандистами, сирийцами по происхождению, которые проживали в Ливане и с которыми он договорился о контрабанде оружия в Сирию.

Мухаммад Фарес сообщил, что им и его сообщниками каждые две недели по контрабандным тропам на мотоциклах и автомобилях переправлялись на территорию Сирии партии оружия, которые передавались одному из жителей города Аль-Ксейр Билялю Аль-Джарбану.

В ассортимент входили снайперские винтовки, пулемёты, РПГ, израильские ракеты “Лау”, ящики с боеприпасами, современные средства связи.

Контрабандист признался в незаконной переправке на территорию Сирии более 60 наёмников, прибывших из разных стран, а также в неоднократном участии в нападениях на сирийские приграничные населённые пункты с целью грабежей под предлогом того, что их жители поддерживают руководство страны. Бандитские налёты унесли жизни многих мирных сирийцев, среди которых женщины, дети и пожилые люди.

Сентябрь 10, 2012
САНА

МВД САР: В органы МВД не поступало никаких заявок на проведение массовых акций

Министерство внутренних дел САР заявило, что в органы МВД не поступало никаких запросов на проведение митингов или иных акций, планирующихся на 15 сентября текущего года, и напомнило, что согласно действующему на территории страны закону, организаторы любой массовой акции обязаны получить официальное разрешение на её проведение.

Сентябрь 10, 2012
САНА

МИД САР: Некоторые СМИ и социальные сети распространяют фальшивки

МИД САР опроверг принадлежность внешнеполитическому ведомству Сирии ряда документов, распространяемых от его имени некоторыми СМИ и социальными сетями. Так, отмечается в специальном заявлении МИД сделанном по этому поводу, Сирия не направляла каких-либо посланий правительствам Египта, Катара и Саудовской Аравии. В число фальшивок входит также документ, автором которого якобы является не существующее в административной структуре МИД Сирии некое Бюро отслеживания и контроля. Сирийское внешнеполитическое ведомство обращает внимание всех СМИ и интернет ресурсов на необходимость прямого обращения в МИД САР для получения достоверной информации.


Сентябрь 10, 2012

САНА

الإسلام السياسي الفلسطيني، الوهابي والأخونجي، يدخل على خط الأزمة السورية بسلاحه الكامل

قصة "التدخل" الفلسطيني في الشؤون السورية، والمسلح منه على وجه التحديد، ليست وليدة الأزمة الراهنة، بل تعود إلى أزمة الثمانينيات عندما اندلعت المواجهات بين السلطة والأخوان المسلمين. وهذا ربما لا يعرفه إلا القليل من السوريين

يومها، وفي سياق الصراع،الظاهر أحيانا والباطن في أغلب الأحيان، بين"الختيار" (أبو عمار) وحافظ الأسد، حاول الأول أن يغمّس خبزه في الصحن السوري، ردا على ما كان يقوم به حافظ الأسد في"الساحة الفلسطينية". ولم يكن ينقص حركة "فتح"، التي ولد الكثير من قادتها التاريخيين (ومنهم أبو عمار شخصيا) في رحم الأخوان المسلمين، الدافع الأيديولوجي والمحرضات السياسية للوقوف إلى جانب الأخوان المسلمين في معركتهم ضد حافظ الأسد. وإذا كان الجانب الأيديولوجي واضحا، فإن الجانب السياسي لم يكن أقل وضوحا. فيومها كان "أبو عمار" يريد الدخول إلى معسكر أنور السادات و"كامب ديفيد"، ولكن كـ"شريك مضارب". ولم يكن ثمة مدخل متاح أمامه إلا من خلال اللعب داخل "بيت حافظ الأسد" نفسه! ولهذا لم يتردد في أن يوعز لـ"أبو ماهر غنيم"، رئيس جهاز "الأمن الغربي" في حركة "فتح"، بأن يدخل زعرانه على خط الأزمة السورية الداخلية، بدءا بالسلاح وانتهاء بالسيارات المفخخة. أما السلاح، فقد تولى أمره العميد "أبو طعان" (مصطفى ديب خليل)، قائد "الكفاح المسلح" الفلسطيني في لبنان، الذي أقام "جسرا بريا" لإمداد عصابات "الطليعة الإسلامية المقاتلة" بالسلاح عبر الحدود السورية ـ اللبنانية. وكان أمرا لافتا أن مهربي السلاح "الفتحاوي" إلى سوريا كثيرا ما التقوا مع مهربي السلاح "القواتي" و"الكتائبي"، للجهة نفسها، في المعابر السرية عند "تلكلخ" و"القصير"، وهي التي يستخدمها اليوم ـ وبا للمفارقة ـ أركان "14 آذار" للغرض نفسه، وللجهة نفسها! وأما السيارات المفخخة، والعبوات الناسفة، فتولى أمرها "عبد الله عباسي" (أبو أمجد)، أحد مسؤولي "الأمن الغربي" في سوريا. والشخصان كلاهما يعرفهما المعتقلون السياسيون السوريون الذين كانوا في سجن صيدنايا العسكري خلال التسعينيات. أما "أبو طعان"، تحديدا، فلم يكتف بتهريب السلاح إلى "الطليعة الإسلامية المقاتلة"، بل أرسل المقاتلين لدعم "حركة التوحيد الإسلامي" في طرابلس (جماعة الشيخ سعيد شعبان) التي كانت تقاتل الجيش السوري. وانتهى به الأمر إلى المشاركة في ذبح العشرات من مناضلي الحزب الشيوعي اللبناني...الكفار

لم يقتصر الأمر على ذلك. فقد ثبت أن المئات من عناصر "فتح"، وتحديدا التيار "الأخواني" في الحركة، شاركوا في القتال إلى جانب "الأخوان المسلمين"، سواء في حماة أو غيرها! وكان أمرا طبيعيا أن ينتهي الأمر بوجود مئات المعتقلين الفلسطينيين "الفتحاويين" في السجون السورية، وعلى رأسهم "أبو طعان" و"أبو أمجد" بالذات، اللذان مكثا عشرين عاما في تلك السجون لم تنته إلا في العام 2003


اليوم، وكما يبدو من المعطيات المتوفرة، يريد "خالد مشعل" أن يلعب لعبة "أبو عمار" نفسها. ولم لا؟ أوليس الأخوان المسلمون بندقية للإيجار منذ تأسيسها في حضن المخابرات البريطانية و"شركة قناة السويس" في عشرينيات القرن الماضي؟

في 21 تموز / يوليو الماضي، نشرنا تقريرا فيه أن "حماس"، وبتوجيهات من قطر، قررت المساهمة بحوالي خمسمئة مقاتل في "معركة تحرير دمشق"، قابلة للزيادة. وبعد ذلك بأسابيع بدأت أخبار الإسلاميين الفلسطينيين القتلى في المواجهات مع الجيش السوري تأتي من جبهات القتال في ضواحي دمشق وحلب وإدلب وحمص، ولكن في إطار مقاتلي "جبهة النصرة" و"الجيش الحر" وسواهما. إلا أنهم، وكما يبدو، قرروا هذه المرة أن تكون لهم ميليشياتهم المستقلة الخاصة بهم، و"ما حدا أحسن من حدا"، طالما أن الليبيين والشيشان والتركمان وحتى الباكستانيين، أصبحت لهم ميليشيات خاصة بهم، والكل يريد أن ينال ثواب المشاركة في "الثورة" ويدخل الجنة من البوابة السورية

قبل يومين، أعلن عدد من زعران "حماس" وشبيحتها في مخيمي "اليرموك" و"فلسطين" وحي "التضامن" عن تشكيل ما يسمى بـ"كتائب الأقصى" للمساهمة في"الثورة"! أما الدافع إلى ذلك، وهنا ذروة العهر والكذب والفجور، فهو إقدام "النظام وشبيحته على قصف مخيماتنا"

يشترك الإسلاميون جميعا، وهابيين وأخونجيين، في أنهم أكذب المخلوقات التي يمكن أن يصادفها المرء في حياته. فهؤلاء الدجالون يريدون أن يجعلوا من بيوتهم ملاجىء وبيوتا سرية و"ثكنات"لعملاء السعودية وقطر من عصابات "لواء الفرقان" و"جبهة النصرة" و"كتائب الصحابة"، وأن يحولوا هذه البيوت إلى مخابىء للسلاح والمجرمين القادمين من كل أنحاء الأرض، دون أن يرميهم النظام ولو بوردة! إنهم صنو أولئك الفجرة الذين حين يقتلهم الجيش السوري في ساحة المواجهة يوزعون أشرطة قتلاهم ويكتبون عليها "مجازر النظام

قصة الدخول الإسلامي الفلسطيني على خط الصراع المسلح في سوريا لم تبدأ مع هؤلاء. فطوال الأشهر الماضية كان الأطباء الفلسطينيون وضباط جيش التحرير الفلسطيني يتساقطون شهداء زرافات ووحدانا، من "قطنا" جنوبا إلى "مساكن برزة" شمالا. وتشير المعلومات المتوفرة إلى أن أكثر من خمسين ضابطا وجنديا من "جيش التحرير الفلسطيني" استشهدوا. ولعل أشهر ما أصابهم عملية اختطاف 17 جنديا منهم يؤدون خدمة العلم من قبل عصابات "كتائب أحرار الشام" التي يمولها سلفيون كويتيون وليبيون. ومن المعلوم أن هؤلاء قتلوا جميعا من قبل الخاطفين ورميت جثثهم على قارعة الطريق في ريف محافظة إدلب. أما الباص الذي كانوا يستخدمونه، فقد استخدم لتفجير حاجز للجيش السوري بعد أن ربطوا سائقه على مقعده وفجروه عن بعد حين أعطى عناصر الحاجز ـ بشهامة الفلسطيني الأصيل الذي لا يضيع بوصلته ـ إشارة بأن يبعدوا من طريقه ويختبئوا، وهو ما حصل، فاستشهد هو ونجوا هم جميعا


القصة ليست قصة الفلسطيني، بل قصة الوهابي والأخونجي الفلسطيني تحديدا. وهذه قصة الأخوان المسلمين جميعا منذ أن ولدوا من رحم المخابرات البريطانية في عشرينيات القرن الماضي: بندقية للإيجار... "تدافع عن كل قضايا الكون وتهرب من وجه قضيتها

Ceptember 10, 2012
الحقيقة

عصابات "الجيش الحر" في"لواء الشهباء" ترتكب مجزرة مروعة في حلب

aleppo_explosion_9_9_2012ارتكبت عصابات "الجيش الحر" التابعة لـ"المجلس الوطني السوري" جريمة نكراء هذا المساء أسفرت حتى ساعة نشر هذا التقرير عن استشهاد 46 مواطنا من الأبرياء وجرح حوالي 70 آخرين، جميعهم من المدنيين، باستثناء ثلاثة عسكريين من عناصر حاجز الحراسة القريب من المكان. فقد أقدمت عصابات "لواء الشهباء" على تفجير سيارة مفخخة بحوالي طن من المتفجرات قرب تجمع لعدد من المشافي "مشفى الحياة، والمشفى العسكري والمشفى المركزي" في المنطقة المعروفة باسم "نزلة الكرة الأرضية" في منطقة "حي الملعب البلدي". وطال الانفجار "مدرسة النسور الذهبية" المجاورة، علما بأن المدرسة تأوي عشرات العائلات ومئات من النازحين من الأحياء الأخرى التي تسيطر عليها عصابات "لواء التوحيد" الأخوانية. أفادت فرق الدفاع المدني والإطفاء، التي هرعت إلى المكان لإطفاء الحرائق الناجمة عن التفجير، بوجود مؤشرات على أن هناك مواطنين أحياء لا يزالوان تحت الأنقاض التي بدت كما لو أنها ناجمة عن زلزال ضرب المنطقة. وقد أدى التفجير إلى تدمير أحد المباني، فيما تعرضت المباني المجاورة إلى أضرار جسيمة.

وكان "لواء حلب الشهباء" الإجرامي أعلن مسؤوليته عن التفجير، زاعما في بيان  منشور جانبا أنه تمكن من زرع ألغام داخل المشفى العسكري في المنطقة بالتعاون مع أحد العسكريين العاملين في المشفى، إلا أن شريط الفيديو الذي يظهر المنطقة المستهدفة تدحض هذه الأكاذيب، وتؤكد أن الانفجار ناجم عن سيارة مفخخة، وأن التفجير حصل خارج المباني، وليس داخلها!

يشار إلى أن ممثل رياض الترك وعضو قيادة حزبه، جورج صبرة، كان أعلن أول أمس عن دعمه لإرهابيي "جبهة النصرة" و"القاعدة"، واصفا إياهم بالأبطال "الذين يواجهون النظام السوري بصدور عارية"، على حد تعبيره في برنامج لقناة "فرانس 24" مكرس لمناقشة شريط فيديو صوره مراسل القناة في حلب حول المسلحين التكفيريين الأجانب في حلب!

September 10, 2012
الحقيقة


Новые боестолкновения с террористическими группировками

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Армейское подразделение ВС САР вступило в противостояние с террористическими группировками, совершившими нападения на батальон сил безопасности и ряд государственных учреждений. В результате боестолкновений десятки боевиков и террористов-наёмников были уничтожены и ранены.

В провинции Дараа в посёлке Аль-Ядуда в результате операции силовых структур было обнаружено и уничтожено убежище террористов; среди ликвидированных боевиков опознаны Мазен Абазейд, Халед Мухамммад Аз-Зоуби, Авад Муханна и Усама Мухаммад Ан-Набулси.

В гористой местности Аль-Ляжа, расположенной на севере провинции Дараа, обнаружено и уничтожено большое количество боевиков и принадлежавшие им шесть автомобилей с ДШК.

В Алеппо в квартале Ас-Сахур, близ офиса компании “Сириател” подразделением ВС САР уничтожен полевой штаб террористов и находящиеся в нём главари бандформирований.

В провинции Хама западнее города Саламия в засаду, организованную спецслужбами, попал автомобиль с крупной партией оружия; убит один из находившихся в машине террористов, остальные - задержаны.

Спецслужбы при содействии местного населения обнаружили тоннель, который связывал кварталы Баб Сибаа, Баб Ат-Туркман и Баб Худ города Хомс, предназначенный для доставки боеприпасов террористическим группировкам.

Сентябрь 10, 2012
САНА